अयान बोले सीएम सर, इस स्पेलिंग से तो हम परीक्षा में फेल हो जायेंगे

  • uploaded on : 2018-04-07
 अयान बोले सीएम सर, इस स्पेलिंग से तो हम परीक्षा में फेल हो जायेंगे
 

-लामार्टीनियर कॉलेज के सातवीं कक्षा के छात्र एसएसम अयान रिजवी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
-अंग्रेजी में 'टेंपल' को 'टांपल' कर दिया पीडब्ल्यूडी वालों ने
लखनऊ
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में गांधी की अंग्रेजी में लिखी गई स्पेलिंग गलत है। इसी तरह से इमामबाड़ा, बूचरी ग्राउंड भी गलत लिखीं हुई हैं। यही नहीं अंग्रेजी में मंदिरों की अंग्रेजी में शब्दावली 'टेंपिल' पढ़ी होगी। पर राजधानी में विख्यात मंदिरों के बाहर पीडब्ल्यूडी के बोर्ड पर इसकी शब्दावली ही बदल दी गई है। इसको टाम्पल कर दिया गया है। टीई की जगह 'टीएएमपीएलई' लिख दिया है।
इस तरह की एक शिकायत शनिवार को लामार्टीनियर कॉलेज के सातवीं कक्षा के छात्र एसएसम अयान रिजवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। वे अपना शिकायती पत्र देने मुख्यमंत्री आवास गये थे। जहां उनके पत्र को मुख्यमंत्री कार्यालय में स्वीकार कर लिया गया। अयान का कहना था कि अगर ये स्पेलिंग हमने याद कर ली तो परीक्षा में फेल हो जायेंगे। शनि मंदिर और हनुमान सेतु मंदिर के बाहर ऐसे बोर्ड लगे देखे जा सकते हैं। यह हाल केवल मंदिरों के नामों में हुई भाषाई गड़बड़ी का नहीं है। रेजीडेंसी की स्पेलिंग गलत लिखी है। सिब्तैनाबाद को सिपतैनाबाद, बटलर पैलेस की अंग्रेजी में लिखी शब्दावली गलत है। इसी तरह अमज़द अली शाह, टीले वाली मस्जिद को टाइल वाली मस्जिद जैसी गई भाषाई गलतियां राजधानी में आने वाले पर्यटकों पर गलत असर डाल रही हैं। हाल में राजधानी में आयोजित हुई इन्वेस्टर्स मीट के दौरान इस तरह के बोर्ड जिसपर ऊपर की तरफ पीडब्ल्यूडी लिखा है सभी रास्तों पर पड़ने वाले प्रमुख स्थलों और स्मारकों पर लगाये गये थे। आनन-फानन में लगाये गये इन बोर्डों पर भाषाई गड़बड़ियों को भी नहीं देखा गया और इनको लगाकर छोड़ दिया गया। इन्वेस्टर्स मीट तो गुजर गई पर पर्यटकों के आने जाने का सिलसिला शहर में जारी है। इसके बावजूद इन बोर्डों पर दर्ज भाषाई गड़बड़ियां आला अधिकारियों को नजर नहीं आ रही हैं।
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कॉरपोरेट लॉयर मोहम्मद हैदर ने गड़बड़ियों को पकड़ा 
कॉरपोरेट लॉयर मोहम्मद हैदर ने इन गड़बड़ियों को पकड़ा और इसकी शिकायत कई जिम्मेदार अधिकारियों से की। उन्होंने मुख्यमंत्री के के आईवीआरएस सिस्टम पर भी शिकायत डाली। जिसपर आदेश हुआ कि जिम्मेदार अधिकारी उनसे मिलेंगे। पर कोई आज तक मिलने नहीं आया। मोहम्मद हैदर ने कहा कि अगर इन बोर्डों की भाषाई गड़बड़ियों को जल्द दूर नहीं किया गया तो वे जिम्मेदारों के खिलाफ न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने पर मजबूर हो जायेंगे।