मंदिर में लगी स्वाइप मशीन, श्रद्धालु कर रहे हैं कैशलेस दान

  • uploaded on : 2016-12-01 15:50:19
मंदिर में लगी स्वाइप मशीन, श्रद्धालु कर रहे हैं कैशलेस दान
 

रायपुर/वडोदरा नोटबंदी के कारण दान में कमी आने से परेशान मंदिरों ने अब कैशलेस दान स्वीकार करने की व्यवस्था शुरू कर दी है। इसी के तहत छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक मंदिर में दानपेटी के बाहर कार्ड स्वाइप मशीन लगा दी गई है। श्रद्धालु अब इलेक्ट्रॉनिकली मंदिर को दान दे सकेंगे। इसके साथ ही कई दूसरे मंदिरों में भी स्वाइप मशीन और ई-वॉलेट की सुविधा दी जा रही है। कुछ ऐसी ही व्यवस्था गुजरात के मंदिरों में भी की जा रही है। यहां के प्रसिद्ध द्वारका मंदिर व्यवस्थापन समिति के उपाध्यक्ष धनराज नाथवानी ने बताया, 'नोटबंदी के प्रभाव के कारण श्रद्धालुओं को दान देने में मदद के लिए यह कदम उठाया गया है। लाखों लोग द्वारका आते हैं और भगवान द्वारकाधीश से आशीर्वाद लेते हैं।'

लोगों में कैशलेस लेन-देन को लोकप्रिय बनाने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने मंगलवार को बनासकांठा जिले के प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर में स्वाइप मशीन की व्यवस्था शुरू की। अब क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर डिजिटल दान दिया जा सकेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी के डेबिट कार्ड के जरिए 31 हजार रुपये का दान दिया।
अंबाजी मंदिर ट्रस्ट के सूत्रों ने बताया कि नोटबंदी के बाद दान में कम से कम 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। नई कैशलेस व्यवस्था से एक बार फिर दान बढ़ने की संभावना है।
सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के सचिव प्रवीणभाई लाहेरी ने बताया कि अब वे एक डिजिटल वॉलेट कंपनी के साथ बात कर रहे हैं जिससे दान डिजिटल रूप में प्राप्त किया जा सके। सोमनाथ जिले में स्थित मंदिर में ट्रस्ट ने प्रसाद के लिए ई-भुगतान के जरिए दान लेना शुरू कर दिया है।