पनामा लीक केस: मुश्किल में नवाज शरीफ, पाक के सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस

  • uploaded on : 2016-10-20 15:01:34
पनामा लीक केस: मुश्किल में नवाज शरीफ, पाक के सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस
 

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की सियासत में इस समय भूचाल आया हुआ है। पीओके में भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद शरीफ सरकार दबाव में है। लेकिन व्यक्तिगत तौर पर भी नवाज शरीफ की मुश्किल बढ़ गई है। पाक मीडिया के मुताबिक पनामा लीक केस में पीएम नवाज शरीफ को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भेजा है। नवाज शरीफ के अलावा मरियम नवाज, हसन नवाज, हुसैन नवाज रिटायर्ड कैप्टन सफ्दार, वित्त मंत्री इश्त्याक डार, फेडरल इंवेस्टीगेशन एजेंसी के डीजी , फेडरल रेवेन्यू बोर्ड के चेयरमैन और अटॉर्नी जनरल को नोटिस दी गई है। नवाज शरीफ को अयोग्य करार देने वाली एक याचिका पर तीन जजों की खंडपीठ सुनवाई कर रही थी। इससे पहले सुनवाई के दौरान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा था कि वो एक न एक दिन नवाज शरीफ को कानून के अंदर लाएंगे। इमरान खान ने कहा कि पिछले कई साल से हमें इंसाफ का इंतजार है। देर से मिले न्याय का कोई मतलब नहीं रहता है। लिहाजा अदालत को अपनी कार्रवाई तेजी से करनी चाहिए।

इमरान खान के आरोपों पर जवाब देेते हुए रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हासिए पर जा चुके इमरान राजनीतिक फायदे के लिए इस तरह की बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शरीफ साहब न तो कभी किसी जिम्मेदारी या जवाबदेही से भागें हैं न भागेंगे। इमरान को आरोप लगाने के पहले ये बताना चाहिए कि शौकत खानम अस्पताल को मिलने वाली इमदाद को उन्होंने अपने दोस्त की कंपनी में क्यों निवेश किया। नवाज शरीफ न्यायिक प्रक्रिया से नहीं भाग रहे हैं। वो न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेंगे।
इससे पहले पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग ने अगस्त महीने में नवाज शरीफ को नोटिस भेजकर 20 दिन के अंदर जवाब मांगा था। पनामा पेपर्स लीक मामले में नाम आने के बाद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी, पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ, पाकिस्तान अवामी तहरीक और अवामी मुस्लिम लीग ने जून में शरीफ की अयोग्यता की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी।
नवाज शरीफ और उनके परिवार के भ्रष्टाचार के खिलाफ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ऑक्यूपाइ इस्लामाबाद के नाम से शरीफ के खिलाफ अभियान चलाएगी। इसके अलावा शरीफ बंधुओं के भ्रष्टाचार के खिलाफ 2 नवंबर को इस्लामाबाद में बड़ी रैली होगी।इमरान खान ने कहा कि पनामा पेपर लीक में नवाज का नाम आने से पाकिस्तान की बेइज्जती हुई है। उनकी पार्टी तब तक शरीफ के खिलाफ अभियान चलाएगी जब तक वो गद्दी से उतर नहीं जाते हैं।
पनामा पेपर्स के नाम से लीक हुए इन दस्तावेजों को सामने लाने में मुख्य भूमिका अमेरिका स्थित एक एनजीओ खोजी पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय महासंघ (ICIJ) की । इनके मुताबिक इन्होंने उन दस्तावेजों की गहरी छानबीन की, जो इन्हें किसी अज्ञात सूत्र ने उपलब्ध करवाए थे। जांच में ढेरों फिल्मी और खेल जगत की हस्तियों के अलावा दुनिया भर के करीब 140 राजनेताओं, अरबपतियों की छिपी संपत्ति का भी खुलासा हुआ।
जांच में जो डेटा सामने आया, वो 1977 से लेकर 2015 तक लगभग 40 वर्षों का है। पनामा स्थित लॉ फर्म मोसैक फॉन्सेका से लीक ये दस्तावेज लीक हुए थे। जर्मनी के एक अखबार के मुताबिक, इस पेपर लीक से 2.6 टेराबाइट डेटा सामने आया है जो लगभग 600 डीवीडी में आ सकता है।
सवाल है कि इस पेपर लीक में जिन हस्तियों के अपने विदेशी खातों में वित्तीय लेनदेनों का खुलासा हुआ है, क्या वह लेनदेन पूरी तरह गैरकानूनी हैं? इस बारे में ICIJ का कहना है कि निश्चित तौर पर हो सकता है कि यह पूरी तरह गैरकानूनी न हो, लेकिन यह इतना तो दिखाता ही है कि किस तरह इन हस्तियों द्वारा देश के कोष को टैक्स बचाकर नुकसान पहुंचाया गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि टैक्स सेविंग फर्म्स जो सेवाएं उपलब्ध कराती हैं, वे बेशक पूरी तरह कानूनी हैं। लेकिन ये दस्तावेज दिखाते हैं कि बैंकों, लॉ फर्म्स और ऐसी ही अन्य एजेंसियों ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। कई मामलों में पाया गया है कि इन मध्यस्थों ने अपने क्लाइंट्स के संदिग्ध लेनदेनों को या तो छिपाया या ऑफिशल रेकॉर्ड्स के छेड़छाड़ कर उन्हें सामने नहीं आने दिया।
बड़ी हस्तियां अपने निवास के देश से बाहर जो खाते रखते हैं, उनका मकसद कई तरह के वित्तीय और कानूनी लाभों को लेना होता है। ये विदेशी खाते अधिकतर ऐसे देशों में रखे जाते हैं, जिन्हें 'टैक्स हैवेन' माना जाता है। इन खातों का उपयोग पैसे को देश के बैंकिंग सिस्टम की नजर से बचाकर बाहर ले जाने और टैक्स अथॉरिटीज़ की नज़र से बचाकर टैक्स सेविंग के लिए किया जाता है।
अभी जिन हस्तियों के नाम सामने आए हैं, वे भी कम चौंकाने वाले नहीं हैं। इनमें आइसलैंड और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, यूक्रेन के राष्ट्रपति, सऊदी अरब के राजा और डेविड कैमरन के पिता का नाम प्रमुख है। इनके अलावा लिस्ट में व्लादिमीर पुतिन के करीबियों, अभिनेता जैकी चैन और फुटबॉलर लियोनेल मेसी का नाम भी है। हालांकि इन हस्तियों ने ऐसा कर कोई गैर-कानूनी काम किया है, इस बारे में पेपर्स में कुछ नहीं कहा गया है।
इस खुलासे के बाद पुलिस और टैक्स अथॉरिटीज़ ने जांच शुरू कर दी है। उनके राडार पर HSBC, UBS और ड्यूश बैंक जैसे अंतरराष्ट्रीय बैंक हैं। इन बैंकों का कहना है कि वे जांच एजेंसियों का पूरी तरह सहयोग करेंगे। पनामा स्थित लॉ फर्म मोसैक फॉन्सेका के को-फाउंडर रेमन फॉन्सेका ने स्पष्ट किया है कि ये दस्तावेज पूरी तरह सही हैं। हैकर्स ने गैरकानूनी तरीके से इन्हें हैक किया है।