पेशावर और मरदान में खौफ का माहौल, 18 की मौत 58 घायल

  • uploaded on : 2016-09-02 20:34:49
पेशावर और मरदान में खौफ का माहौल, 18 की मौत 58 घायल
 

इस्लामाबाद पाकिस्तान के मरदान जिले की एक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के बाहर हुए आतंकी हमले में 18 लोग मारे गए हैं जबकि 58 से ज्यादा लोग घायल होने की खबर है। इससे कुछ ही वक़्त पहले सुरक्षा बलों ने अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर में ईसाई कालोनी में घुसने का प्रयास करते चार आत्मघाती हमलावरों को मार गिराया था। हालांकि इस हमले में भी एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक आतंकी संगठन जमात उल अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

ख़बरों के मुताबिक हमलावर ने मरदान जिला अदालत के मुख्य गेट पर मौजूद लोगों को निशाना बनाते हुए खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। हमलावर ने खुद को बम से उड़ाने से पहले भीड़ पर एक हैंड ग्रेनेड से भी हमला किया था। मरदान के मुख्य बचाव अधिकारी हैरिस हबीब ने बताया कि पहले एक छोटा विस्फोट हुआ और उसके बाद बड़ा विस्फोट हुआ एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने हबीब के हवाले से बताया, अभी तक हमें वकीलों, पुलिसकर्मियों और नागरिकों के 12 शव मिले हैं। इसके अतिरिक्त हमने वकीलों, पुलिसकर्मियों और नागरिकों सहित घटनास्थल से 52 घायल लोगों को बचाया है। घायलों को समीप के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय अस्पताल में आपात स्थिति घोषित कर दी गयी है और समीप के सभी क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है। पाकिस्तान की अदालतों और वकील समुदाय को निशाना बनाकर किया गया यह दूसरा हमला है। पिछले महीने, दक्षिणी बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में ऐसे ही एक विस्फोट में 70 से अधिक लोग मारे गए थे। इस हमले में एक प्रकार से शहर के वरिष्ठ वकीलों की एक पीढ़ी करीब करीब समाप्त हो गयी थी।
अदालत पर हुए आत्मघाती हमले से कुछ ही घंटे पूर्व भारी हथियारों से लैस आत्मघाती हमलावरों ने पेशावर में एक ईसाई कालोनी में घुसने का प्रयास किया और सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराए जाने से पूर्व उन्होंने एक व्यक्ति की हत्या कर दी और कई अन्य को घायल कर दिया। इसी प्रांत में सुबह-सुबह किए गए हमले में आतंकवादी पेशावर के उत्तर में वारसाक डैम के समीप कालोनी में घुसे और एक ईसाई सुरक्षा गार्ड को मार दिया। सैन्य हैलीकॉप्टर की मदद से सैनिक घटनास्थल पर पहुंचे जहां उनकी आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ के दौरान चारों आतंकवादी मारे गए। इस हमले में फ्रंटियर कोर के दो सुरक्षाकर्मी, एक पुलिसकर्मी और दो असैन्य गार्ड घायल हो गए।
बता दें कि फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन इस प्रकार के हमले तालिबान करता है। तालिबान के एक आत्मघाती हमलावर ने इस साल ईस्टर पर लाहौर में ईसाइयों को निशाना बनाया था जिसमें 70 से अधिक लोग मारे गए थे। दिसंबर 2014 में तालिबान आतंकवादियों ने पेशावर में एक सैन्य स्कूल पर हमला कर 150 से अधिक लोगों को मार डाला था जिनमें अधिकतर बच्चे थे। यह पाकिस्तान में हुआ सर्वाधिक भीषण हमला था। सेना ने देश के अशांत कबीलाई इलाकों से आतंकवादियों का सफाया करने के लिए जून 2014 में आपरेशन जर्ब ए अज्ब चलाया था ।