कश्मीर पर चर्चा का प्रस्ताव फिर खारिज पाक दुखी

  • uploaded on : 2016-08-26 21:03:30
कश्मीर पर चर्चा का प्रस्ताव फिर खारिज पाक दुखी
 

इस्लामाबाद, पाकिस्तान ने कश्मीर पर बातचीत का अपना प्रस्ताव भारत द्वारा वस्तुत: खारिज किये जाने पर अफसोस जताया। वहीं पाकिस्तान ने मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के एक और प्रयास के तहत वहां की स्थिति के बारे में सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों और यूरोपीय संघ के देशों के राजदूतों को इसकी जानकारी दी।पाकिस्तान ने यह कदम तब उठाया जब भारत ने अपना रुख और कड़ा कर लिया और एक बार फिर कश्मीर पर बातचीत के उसके ताजा निमंत्रण को वस्तुत: खारिज कर दिया। भारत ने कहा कि वह सीमापार आतंकवाद पर चर्चा करने को तैयार है जो उसकी मूल चिंता है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने यहां संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका तथा यूरोपीय संघ के देशों के राजदूतों को कश्मीर में कथित तौर पर होने वाली हत्याओं और मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघनों के बारे में जानकारी दी। अजीज ने कश्मीर पर बातचीत करने से भारत द्वारा इनकार किये जाने पर अफसोस जताया और इसके साथ ही राजदूतों को पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी और भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर के बीच पत्रों के अदान प्रदान के बारे में जानकारी दी।

जयशंकर ने कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के लिए इस महीने के अंत तक पाकिस्तान की यात्रा करने के अपने पाकिस्तानी समकक्ष चौधरी के गत 19 अगस्त के ताजा आमंत्रण का जवाब देते हुए एक पत्र में कहा था कि वह पाकिस्तान की धरती से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं जो कि भारत की मूल चिंता है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, राजदूतों के साथ अपनी बैठक में अजीज ने बेगुनाह कश्मीरी लोगों के खिलाफ भारतीय बलों द्वारा घातक बल प्रयोग की निंदा की और कश्मीर में रक्तपात पर गंभीर चिंता व्यक्त की जिसमें गत आठ जुलाई 2016 से 80 से अधिक बेगुनाह कश्मीरियों की जान गई है तथा सात हजार से अधिक व्यक्ति घायल हुए हैं।

अजीज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय विशेष तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों और यूरोपीय संघ का मानवाधिकार सिद्धांत और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून बनाये रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत जम्मू-कश्मीर के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करें।

बयान में कहा गया कि सलाहकार ने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र महासचिव की पेशकश का स्वागत करता है और वह जम्मू कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए वार्ता में शामिल होने को तैयार होगा। इसमें कहा गया, पी-5 और यूरोपीय संघ के राजदूतों ने मुद्दे के शांतिपूर्ण ढंग से समाधान की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने लंबे समय से लंबित इस मुद्दे को सुलझाने में वार्ता के महत्व एवं वर्तमान गंभीर स्थिति को स्वीकार किया।

दोनों देशों के बीच वाकयुद्ध ऐसे समय हो रहा है जब कश्मीर में अशांति को लेकर दोनों देशों के संबंधों में पहले से तनाव है। पाकिस्तान गत महीने हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से जारी अशांति पर भड़काउ बयान जारी कर रहा है। पाकिस्तान ने वानी को एक शहीद बताया था तथा कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने का भी प्रयास किया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और देश के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र के अलावा कई अन्य देशों को पत्र लिखे। वहीं भारत का कहना है कि घाटी में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद अशांति का मूल कारण है।