गांवों के विकास में देश में यूपी बना नंबर वन

  • uploaded on : 2018-04-01 18:55:03
गांवों के विकास में देश में यूपी बना नंबर वन
 

लखनऊ प्रदेश की भाजपा सरकार के एक साल में गांवों ने विकास की रफ्तार पकड़ ली है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की कई योजनाओं में प्रदेश समूचे देश में पहले नंबर पर है। खासकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत इस एक साल में 771073 आवास बनाए गए। यह रिकार्ड है। आवास बनाने में प्रदेश ने राष्ट्रीय औसत 34 फीसदी को पीछे छोड़ते हुए 85 फीसदी का आंकड़ा छू लिया है।
यह जानकारी ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. महेंद्र सिंह ने दी है। रविवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में उन्होंने बताया कि 19 मार्च 2017 को प्रदेश में भाजपा सरकार बनी थी। उस समय आवास निर्माण में उत्तर प्रदेश 29वें स्थान पर था। सरकार ने 2016-17 तथा 2017-18 के लक्ष्य को एक साथ लेकर काम शुरू कराया। महज नौ महीने में ही सात लाख 71 हजार 73 आवास बना दिए गए। प्रदेश अब आवास निर्माण में देश में पहले स्थान पर है। इस लक्ष्य पाने के लिए प्रदेश ने केंद्र सरकार की पालिसी में भी हस्तक्षेप किया। 40 हजार की तीन समान किश्तों में किए जाने वाले भुगतान को 40, 70 और 10 हजार के तीन किश्तों में किया, जिसे केंद्र ने भी मान लिया। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में केंद्र से 11 लाख आवास देने की मांग की गई है। इस मौके पर प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी व ग्राम्य विकास आयुक्त पार्थ सारथी सेन शर्मा भी मौजूद रहे।
मंत्री ने बताया कि देश के ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास में प्रदेश के कई जिलों में बहुत अच्छा काम चल रहा है। बहराइच जिला देश में पहले नंबर पर है, चंदौली देश में नौवें नंबर पर है। इसी तरह मनरेगा में 2017-18 में एक करोड़ से अधिक श्रमिकों को क्रियाशील श्रेणी में लाया गया है। इनमें से 96.01 लाख श्रमिकों की आधार सीडिंग की जा चुकी है। 66 लाख श्रमिकों को आधार आधारित भुगतान व्यवस्था से जोड़ दिया गया है। एक साल के अंदर 7201 आंगनबा़ड़ी केंद्रों का निर्माण भी किया गया है। 3045 आंगनबाड़ी केंद्र बनाने का काम चल रहा है।
2017-18 में ग्रामीण क्षेत्रों में लक्ष्य से अधिक 3684 किमी. सड़कें बनाई गईं। जबकि पूर्व के वित्तीय वर्ष में महज 1959 किमी. स़ड़कें बनी थी। 2018-19 में 3000 किमी. सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। बताया कि बनाई गई सड़कों में नैनो टेक्नालाजी से 457.39 किमी., वेस्ट प्लास्टिक से 612.76 किमी., जूट जियो टेक्सटाइल्स से 53.76 किमी., फ्लाई ऐश से 21.85 किमी., सीसी ब्लाक से 32.51 किमी. तथा लाईम स्टैब्लाईजशन से 1.50 किमी. सड़कें बनी हैं।
मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड में गर्मी को देखते हुए पीने के पानी की दिक्कतों को दूर करने की मुकम्मल तैयारी की गई है। तालाबों को भरा जा रहा है। खराब हैंडपंप रिबोर किए जा रहे हैं। सौर ऊर्जा तथा अन्य पाईप पेयजल योजनाओं को चालू कर दिया गया है। बताया कि चार सितंबर को वह बुंदेलखंड में पेयजल के कामों की समीक्षा करेंगे।