इंदौर हादसा: जिस मलबे में फंसे थे लोग, उसी पर चढ़ाया JCB, मदद के बजाय वीडियो बनाते रहे लोग

  • uploaded on : 2018-04-01 18:04:09
इंदौर हादसा: जिस मलबे में फंसे थे लोग, उसी पर चढ़ाया JCB, मदद के बजाय वीडियो बनाते रहे लोग
 

इंदौर तीन मंजिला जर्जर इमारत में चल रही लॉज में धंसकर 10 लोगों की मौत हो गई। लॉज के मैनेजर हरीश सोनी ने घटना के करीब दस मिनट पहले ही बेटे लकी को फोन किया था। लकी के मुताबिक पिता ने फोन पर कहा कि लॉज की दीवार गिर गई है। इस पर मैंने उन्हें लॉज से बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि कुछ लोग दब गए हैं मैं उनको निकालने की कोशिश कर रहा हूं। तुम लोग मत घबराना।
लकी बहन किरण और अपनी मां लक्ष्मी के साथ जब तक मौके पर पहुंचे, सबकुछ खत्म हो गया था। होटल का मलबा देख वे जार-जार रोने लगे। किरण और लकी पिता हरीश सोनी को तलाश रहे थे। इस बीच लकी ने मलबे के बीच पिता को तलाशने के लिए जाने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोक दिया। रात 12 बजे 70 वर्षीय हरीश सोनी का शव मलबे से निकाला गया।
रात तक काम करवाता था होटल मालिक : बेटी किरण के मुताबिक हरीश पिछले चार साल से होटल में काम कर रहे थे। होटल का मालिक शंकर परवानी उनसे सुबह से रात तक काम करवाता था। कई बार बोला कि दिन में ड्यूटी करवाओ, लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं देते थे।
हादसे के बाद सरवटे बस स्टैंड का गेट बंद किय
- हादसे के बाद सरवटे बस स्टैंड का प्रवेश गेट भी बंद कर दिया गया। इससे बसें स्टैंड में नहीं जा पाईं। यात्रियों को स्टैंड से दूर ही उतार दिया गया।
- स्टैंड क्षेत्र में जहां हादसे को लेकर अफरातफरी मची थी, वहीं पास की एक बार में लोग शराब पी रहे थे। नशे में धुत दो-तीन शराबियों को पुलिस ने भगा भी दिया।
शहर में हुए इस हादसे ने आपदा प्रबंधन की भी पोल खोल कर रख दी। नगर निगम की रिमूवल गैंग के कर्मचारियों को मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए भेज दिया गया। हालत ये थी कि मलबे में दबे हुए लोगों को निकालने के लिए जेसीबी मलबे पर खड़ी कर दी गई।
घटनास्थल पर ज्यादातर लोग मलबा उठाने में मदद करने के बजाए मोबाइल से वीडियो बनाने और फोटो खींचने में व्यस्त रहे। इस कारण बचाव कार्य में बार-बार परेशानी आती रही। 10 से ज्यादा बार पुलिस ने भीड़ को लाठियां फटकारकर हटाया, लेकिन बार-बार भीड़ मलबे के आसपास जुट जाती थी। रात 12 बजे बाद बेरिकेड लगा दिए गए, ताकि भीड़ के कारण मलबा हटाने का काम प्रभावित न हो।
पीएससी की तैयारी कर रहे छात्र अंकित साहू ने बताया वे गुजर रहे थे तभी अचानक बिल्डिंग नीचे आ गिरी। पूरा इलाके में धूल का गुबार छा गया। कुछ देर तो समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। बाद में चीख-पुकार और शोर मच गया। आसपास के लोगों के साथ वे भी बिल्डिंग की और दौड़े।