यूपी एसटीएफ का राजफाशः 1100 युवाओं को फर्जी मार्कशीट पर नौकरी

  • uploaded on : 2018-03-30 21:45:10
यूपी एसटीएफ का राजफाशः 1100 युवाओं को फर्जी मार्कशीट पर नौकरी
 

लखनऊ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में उत्तर पुस्तिका बदलवाकर नौकरी पाने वाले 600 मुन्नाभाई के बाद एक और बड़ा राजफाश हुआ है। इस बार उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद नाम के फर्जी बोर्ड ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में फर्जी मार्कशीट थोक के भाव बांट दी हैं। इनके बूते 1100 से अधिक युवा सरकारी और गैरसरकारी क्षेत्रों में नौकरी कर रहे हैं। आरोपितों की तलाश में उप्र एसटीएफ ने पश्चिम में डेरा डाल लिया है।

18 फरवरी को लखनऊ में प्रदेश की स्पेशल टॉस्क फोर्स ने फर्जी बोर्ड बनाकर छात्रों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। यह गिरोह उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद के नाम से फर्जी बोर्ड बनाकर ठगी कर रहा था। जांच आगे बढ़ी तो इस बोर्ड के तार पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी जुड़ गए हैं। आरोपितों की तलाश में शुक्रवार को मेरठ पहुंची लखनऊ एसटीएफ ने कई जगहों पर दबिश भी दी। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, इस फर्जी बोर्ड ने प्रदेश के 62 संस्थानों को बोर्ड की मान्यता के सर्टिफिकेट दिए थे। इन संस्थानों से 10 वीं व 12 वीं पास कर चुके करीब 1100 युवा फर्जी मार्कशीट पर ही विभिन्न विभागों में नौकरी हासिल कर चुके हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
ठगी करने वाला यह गिरोह 10 वीं व 12 वीं में फेल होने वाले छात्रों को फंसाता था। 10 से 15 हजार रुपये लेकर उन्हें उनके मनमाफिक मार्कशीट थमा दी जाती थी। लखनऊ के इंदिरा नगर में गिरोह ने हेड ऑफिस बनाया था, जबकि मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, परीक्षितगढ़ और खुर्जा आदि स्थानों पर गिरोह ने नेटवर्क फैला रखा था, जो छात्रों को फंसाता था और गिरोह से कमीशन लेकर छात्र को फर्जी मार्कशीट उपलब्ध करा देता था। फिलहाल एसटीएफ ने पश्चिम में डेरा डाल लिया है।
गिरोह ने उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, दिल्ली व महाराष्ट्र आदि राज्यों के स्टडी सेंटर खोल रखे हैं। एसपी-एसटीएफ लखनऊ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि फर्जी बोर्ड चलाने वाले आरोपित अभी जेल में हैं। उनके नेटवर्क को तोडऩे के लिए एसटीफ जांच कर रही है।