बजट खपाने की आपाधापी में जुटे रहे विभाग

  • uploaded on : 2018-03-30 19:16:31
बजट खपाने की आपाधापी में जुटे रहे विभाग
 

लखनऊ प्रदेश सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में ही जारी किए गए बजट के पूर्ण सदुपयोग के कड़े निर्देश के बावजूद कई विभागों के पास विभिन्न मदों में बजट अवशेष रह गए हैं। 31 मार्च सिर पर देख विभागों ने बजट के पुनर्विनियोग की कोशिशें तेज कर दी है। कोशिश यह है कि बजट सरेंडर ना करना पड़े और जिस मद में तत्काल बजट की जरूरत है वहां खर्च कर दिया जाए।
सचिवालय में वित्त विभाग के साथ ही विभागों में वित्त से संबंधित कामकाज देखने वाले कर्मचारी अधिकारी अवकाश होने के बाद भी शुक्रवार को भी कार्यालय में जमे रहे। बजट का लेखा जोखा तेजी से चलता रहा। सूत्रों का कहना है कि विभागों को जारी बजट में से भारी भरकम धनराशि पुनर्विनियोग (री-सेटलमेंट) के माध्यम से खर्च करने की कवायद चल रही है। संबंधित उच्चाधिकारी पुनर्विनियोग की अनुमति बगैर विलंब किए दे रहे हैं।
28 मार्च को मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश जारी किया गया था, जिसमें स्पष्ट लिखा है कि मुख्यमंत्री यह चाहते हैं कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ प्रदेश की जनता को मिले। इसके लिए बजट में जारी की गई धनराशि का समय रहते सदुपयोग किया जाए। वित्त विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि 29 से 31 मार्च तक अवकाश के कारण वित्तीय स्वीकृतियां प्रभावित ना हों और धनराशि का नियमानुसार सदुपयोग हो सके। सरकार के इस निर्देश के बाद से विभाग पुनर्विनियोग के माध्यम से बजट के उपभोग की कोशिश कर रहे हैं।
यह है पुनर्विनियोग
इसके तहत यदि किसी मद में धनराशि बच जाती है या खर्च नहीं हो पाती है तो उसे उस मद में ट्रांसफर किया जाता है जहां पर धन की तत्काल जरूरत है। ऐसा होने से बजट को सरेंडर होने से बचाया जाता है। पुनर्विनियोग के तहत बजट उसी मद में ट्रांसफर किया जाता है जहां पर 31 मार्च से पूर्व उपभोग हो सके। पुनर्विनियोग के कारण उन योजनाओं का काम तात्कालिक रूप से अधूरा ही रह जाता है जहां लापरवाही या अन्य कारणों से काम नहीं हो पाते हैं और बजट बचा रह जाता है।