रोहिंग्या मुस्लिम: म्यांमार से लड़ाई के अलावा कोई विकल्प नहीं है- एआरएसए

  • uploaded on : 2018-01-07 17:10:20
रोहिंग्या मुस्लिम: म्यांमार से लड़ाई के अलावा कोई विकल्प नहीं है- एआरएसए
 

यांगून म्यांमार में सेना के खिलाफ प्रतिरोधक रूख अपनाने वाले रोहिंग्या मुस्लिम उग्रवादियों का कहना है कि, "अपने समुदाय के लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए अब उनके पास सरकार प्रायोजित कथित ज्यादतियों से लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है।" इनकी मांग यह भी है कि, रोहिंग्या समुदाय के भविष्य को लेकर किए जाने फैसलों में उन्हें भी शामिल किया जाना चाहिए।
गत शुक्रवार सेना पर हमले करने वाली अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी (एआरएसए) के नेता अताउल्लाह खान की ओर से ट्वीटर पर जारी एक बयान में कहा गया है कि, 'म्यांमार सरकार प्रायोजित आतंकवाद से निपटने के लिए लड़ाई के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा है और हम अपने समुदाय के हितों की रक्षा करेंगे।' इस बयान में कहा गया है कि, रोहिंग्या समुदाय के भविष्य से जुड़े फैसलों और मानवीय जरूरतों के बारे में कोई भी कदम उठाने से पहले इस समुदाय के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि, मुस्लिम आतंकवादी समूहों से उसका कोई लेना देना नहीं है और वह केवल रोहिंग्या समुदाय पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठा रहा है। म्यांमार में इस समुदाय को नागरिकता का अधिकार नहीं है और न ही वे कहीं स्वतंत्र रूप से आ जा सकते हैं। इन्हें स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध नहीं है और बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों के तौर पर इन्हें देखा जाता है। इनकी आबादी राखिने राज्य में अधिक हैं।