अगले कुछ हफ्तों में आतंक के खिलाफ पाक की निर्णायक कार्रवाई का इंतजार: अमेरिका

  • uploaded on : 2017-10-28 16:02:57
 अगले कुछ हफ्तों में आतंक के खिलाफ पाक की निर्णायक कार्रवाई का इंतजार: अमेरिका
 

वॉशिंगटन पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की नसीहत देने के बाद अमेरिका को अगले कुछ हफ्तों में उसके इस दिशा में उठाए गए कदमों का इंतजार है। एक शीर्ष अमेरिकी कूटनीतिज्ञ ने जोर देकर कहा कि ट्रंप प्रशासन आतंकी समूहों के खिलाफ लड़ाई में अपनी रणनीति की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।

दक्षिण और केंद्रीय एशिया से जुड़े मामलों के कार्यवाहक असिस्टेंट सेक्रटरी और अफगानिस्तान व पाकिस्तान में विशेष प्रतिनिधि एलिस जी. वेल्स ने कहा कि अब पाकिस्तान के ऊपर है कि वह कौन सी रणनीति अपनाता है। वेल्स अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन के दक्षिण और केंद्रीय एशिया के दौरे पर भी उनके साथ थीं। वेल्स ने कहा, 'अब यह पाकिस्तान के ऊपर है। अमेरिका कुछ थोपने नहीं जा रहा है। हमने अपनी रणनीति के बारे में बताया और उसमें पाकिस्तान की बहुत ही अहम भूमिका के बारे में बताया जिसे हम क्षेत्र में एक काफी अहम देश के तौर पर देखते हैं। लेकिन अब यह उन पर है कि वह इस रणनीति पर हमारे साथ काम करना चाहता है या नहीं।'
वेल्स ने आगे कहा कि अगर वे हमारे साथ काम नहीं करते हैं तो हम उसी के मुताबिक कदम उठाएगें। अपने हालिया पाकिस्तान यात्रा में टिलरसन ने पाकिस्तान की अहमियत पर जोर देते हुए कहा था कि वह ईमानदार प्रयास करते हुए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर ऐसा माहौल बनाए जिससे तालिबान वार्ता की मेज पर आए। 
वेल्स ने कहा, 'अगले कुछ हफ्तों या महीनों में हम पाकिस्तान की तरफ से खुद उसके अपने हित में उठाए गए व्यवहारिक कदमों का इंतजार कर रहे हैं। हमें इंतजार है कि वे यह सुनिश्चित कर सकें कि खुद उनका देश वहां की सरजमीं पर सक्रिय कुछ समूहों की गतिविधियों की वजह से अस्थिर न हो।' समयसीमा की बात पर वेल्स ने कहा, 'मैं आपको को कोई निश्चित समयसारिणी नहीं दे सकती लेकिन हम खुद अपनी रणनीति की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। हम अपनी सैन्य ताकत के जरिए तालिबान को यह असहास कराएंगे कि वह इस जंग को नहीं जीत सकता। हम कूटनीतिक स्तर पर भी तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहे हैं।'वेल्स ने जोर देकर कहा कि तालिबान नेतृत्व और हक्कानी नेटवर्क अपने परिवार के साथ अमेरिका में रहने और अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की क्षमता अब भी बरकरार रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, 'हमने 2014 में देखा कि पाकिस्तान ने उन आतंकी समूहों को हराने के लिए रणनीतिक फैसला लिया था जो पाकिस्तान सरकार को निशाना बना रहे थे। पाकिस्तान ने इसमें जवानों की कुर्बानियां दी, साहस के साथ इस जंग को लड़ा और अब वह FATA क्षेत्रों में अपना नियंत्रण और अपनी संप्रभुता को फिर हासिल कर चुका है।'
वेल्स ने आगे कहा, 'हम अब यह देखना चाहते हैं कि पाकिस्तान दूसरे आतंकी समूहों के खिलाफ भी उसी प्रतिबद्धता के साथ लड़े भले ही वे आतंकी संगठन पाकिस्तान की जमीन से संचालित होते हों या फिर पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल करते हों। भले ही वे समूह भारत के खिलाफ आतंकी कार्रवाइयों को अंजाम देते हों या अफगानिस्तान के खिलाफ कार्रवाइयों को अंजाम देते हों।'