क्या इन कंपनियों से हो रही मनीलांड्रिंग,मुलायम की समधन व एलडीए उपसचिव का बेटा 14 कंपनियों में डायरेक्टर

  • uploaded on : 2017-10-06 18:08:40
क्या इन कंपनियों से हो रही मनीलांड्रिंग,मुलायम की समधन व एलडीए उपसचिव का बेटा 14 कंपनियों में डायरेक्टर
 

मनीष श्रीवास्तव लखनऊ। प्रधानमंत्री भले देश में एक लाख फर्जी कंपनियों पर शिकंजा कसते हुए निदेशकों को अयोग्य करार दिए जाने के दावे कर रहे हैं। इसके बावजूद उत्तरप्रदेश फर्जी कंपनियों के जरिये अरबों का काला धन खपाने का गढ़ बन चुका है। 
‘निष्पक्ष प्रतिदिन’ ने पहले यूपी हाऊसिंग बोर्ड के अरबपति लेखाकार जहीर अहमद सिद्दीकी की तमाम फर्जी कंपनियों से हो रही मनीलांड्रिंग का खुलासा किया था बारी अब एलडीए की महिला उपसचिव व् मुलायम सिंह की समधन अम्बी बिष्ट और सूचना आयुक्त अरविन्द सिंह बिष्ट की है। 
एलडीए से इस महिला उपसचिव ने न सिर्फ बेशुमार सम्पत्तियाँ आवंटित कराई हैं बल्कि अरबों का काला साम्राज्य भी खड़ा किया है। अगला नंबर बेटे के नाम पर खड़ी एक दर्जन से अधिक कंपनियों का है इन कंपनियों की जांच होनी चाहिए, कहीं बिष्ट दंपत्ति का कालाधन मनीलांड्रिंग के जरिये यहीं से सफेद तो नहीं हो रहा है वहीं इन कंपनियों को करोड़ों का ऋण भी दिया गया है साथ में इन कंपनियों के पास काफी सम्पत्तियाँ भी होने के आसार हैं। चंद्र शेखर सिंह बिष्ट, ये एलडीए की महिला उपसचिव और मुलायम की समधन अम्बी बिष्ट का एकलौता  पुत्र है जिसकी उम्र महज 26 साल ही है लेकिन निष्पक्ष प्रतिदिन ने जब कंपनी मामलों के मंत्रालय से चंद्र शेखर की पड़ताल कराई तो बेहद चैकाने वाले तथ्य सामने आये। ये शख्स 14 कंपनियों में डायरेक्टर है। 
सिर्फ यही नहीं चंद्र शेखर सिंह के साथ कंपनियों के कुछ डायरेक्टर ऐसे भी हैं जिनकी हैसियत चंद वर्षों पहले जीरो थी लेकिन आज ये करोड़ों में खेल रहे हैं। ऐसे में आखिर इतनी अकूत दौलत कहाँ से आयी इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। 
खैर मुलायम की समधन के बेटे की कंपनियां अधिकांश एक ही पते पर पंजीकृत हैं जो सी 1/3 विराज खंड गोमतीनगर और 2/12 विराट खंड गोमतीनगर हैं। चंद्र शेखर सिंह की एक कंपनी श्री शेखर इंफ्रांटेक प्राइवेट लिमिटेड को बैंक ने दो करोड़ का ऋण तक दे रखा है जबकि इस कंपनी का पेड कैपिटल महज एक लाख रूपए ही है। अधिकांश कंपनियां रियल एस्टेट के व्यवसाय से जुडी हुई हैं। यही नहीं जिन सम्पत्तियों के पते पर ये कम्पनिया पंजीकृत दिखाई गयी है इन सम्पत्तियों की भी जांच जरुरी है। संभावना ये है की ये सभी अम्बी बिष्ट की बेनामी सम्पत्तियाँ हो सकती है। बिष्ट दंपत्ति का महज 26 वर्षीय बेटे 14 कंपनियों में डायरेक्टर बनकर जमीनों की खरीदफरोख्त ही नहीं कर रहा है बल्कि सूत्रों के मुताबिक मुलायम के बेटे प्रतीक यादव को भी बीते वर्षों में बेशकीमती जमीने खरीदवाई है। 
गोमतीनगर विस्तार के पास सीएमएस स्कूल के पास भी एक बेशकीमती भूखंड इन कंपनियों के पास बताया जा रहा है हालंकि ये भूखंड कृष्ण सिंह के नाम एलडीए के दस्तावेजों में चढ़ा हुआ है। इन कंपनियों के जरिये करोड़ों की काली कमाई सफेद किये जाने की जांच ईडी और आयकर के साथ प्रदेश सरकार को करानी चाहिए। अम्बी बिष्ट और इनके सूचना आयुक्त पति अरविन्द सिंह बिष्ट के पास लखनऊ समेत आसपास के शहरों समेत प्रदेश से बाहर भी अरबों की बेशकीमती जमीने हैं। 
ऐसे में योगी सरकार को तत्काल एलडीए की महिला उपसचिव के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्तियों की जांच तत्काल करानी चाहिए, लेकिन सरकार ने न ही जांच की पहल की और न ही प्रमुख सचिव नगर विकास ने एलडीए वीसी के तबादलों से जुड़े दो पत्रों पर कोई भी जवाब दिया है, जबकि पिछले करीब दो दशकों से अम्बी बिष्ट फर्जी रजिस्ट्रियों और समायोजनों के सहारे आज अरबों की सम्पत्तियों की मालकिन बनी बैठी है यही नहीं एलडीए से नियमों के विपरीत एक से अधिक सम्पत्तियों का आवंटन भी कराया है।  
क्टर