अनाज घोटाले के आरोपी को आईएएस बनवाने का षड्यंत्र

  • uploaded on : 2017-10-06 17:58:28
अनाज घोटाले के आरोपी को आईएएस बनवाने का षड्यंत्र
 

प्रतिदिन संवाददाता लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भ्रष्ट अफसरों को सर माथे पर बिठाना कोई नयी बात नहीं है सपा और बसपा की सरकारों के दौरान भ्रष्ट अफसरों को मलाईदार तैनातियों पर ही नहीं बिठाया गया, बल्कि प्रोन्नतियों का तोहफा भी दिया 

गया था। खासतौर पर कई ऐसे दागी पीसीएस भी आईएएस बन गए जिनके खिलाफ न सिर्फ जांचें लंबित थी बल्कि जांच एजेंसियों ने अभियोजन स्वीकृत तक मांग रखी थी। अब सूबे में भ्रष्टाचार के खिलाफ आयी भाजपा सरकार का शासन है साफ छवि के योगी आदित्यनाथ यूपी के मुख्यमंत्री पद पर आसीन है इसके बावजूद पिछली सरकारों के चहेते चंद भ्रष्ट अफसर सरकार की साख बार बार खतरे में डाल रहे हैं। 
अगर तमाम जांचों के बावजूद दागी अफसरों को प्रोन्नतियां भी मिल जायेगी तो योगी की साख से ये समझौता होगा। लेकिन एक बार फिर कुछ पीसीएस अफसरों को गंभीर घोटालों की जांचों के बावजूद आईएएस में प्रोन्नतियां करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है जिसमे सबसे पहला नाम पीसीएस देवेंद्र कुमार पांडेय का है। दरअसल पिछली सरकार के कई मंत्रियों के करीब बैठा ये अफसर हजारों करोड़ के अनाज घोटाले की सीबीआई जांच में फंसा है देवेंद्र कुमार पांडेय के इस काले कारनामे की भनक प्रदेश के नियुक्ति महकमे के बड़े अफसरों को भी नहीं है वरना मौजूदा दौर में नियुक्ति महकमे में साफ छवि के अफसर ही तैनात है इसके बावजूद अनाज घोटाले के आरोपी देवेंद्र कुमार पांडेय को आईएएस में प्रोन्नतियां देने की साजिश रची जा रहा है।
अनाज घोटाले के संबंध में करीब एक दर्जन पीसीएस अफसरों के खिलाफ लखीमपुर कोतवाली में एफआईआर अनाज घोटाले के संबंध में दर्ज करवाई गयी थी। जिनकी जांच सीबीआई को करनी थी जिसमे तत्कालीन एसडीएम देवेंद्र कुमार पांडेय का भी नाम शामिल था अधिकांश जिलों की जांच ईओडब्ल्यू और एसआईटी को हाईकोर्ट ने इस आशय से सौपी थी कि जांच पूरी होते ही विस्तृत जांच सीबीआई को सौप दी जायेगी, लेकिन आज भी पांडेय की जांच एसआईटी में दफन है लेकिन इस दागी अफसर के रसूख के कारण इस जांच को आगे बढ़ाने की हिम्मत कोई अफसर नहीं करा रहा है ऐसे में मुख्यमंत्री को तत्काल देवेंद्र कुमार पांडेय को पीसीएस से आईएएस कैडर में प्रोन्नतियां करवाने की जांच करानी चाहिए।
 हालाँकि एक बड़े अफसर के मुताबिक अगर विभागीय जांच जारी है तभी लिफाफा बंद किया जा सकता है लेकिन खुद नियुक्ति महकमे को ऐसी जांच की जानकारी कतई नहीं है हालंकि इससे पहले सपा राज के दौरान भी कई ऐसे पीसीएस प्रोन्नति होकर आईएएस बन गए थे जिनके खिलाफ कई जांच लंबित थी इनमे आईएएस सत्येंद्र सिंह, भवनाथ, तनवीर जफर अली, शहाबुद्द्दीन, भास्कर उपाध्याय समेत कई अफसर शामिल थे।