फेफड़ों की जांच के लिए नहीं लगाना पड़ेगा दम, राहत पहुंचाएगा ये मशीन

  • uploaded on : 2017-09-17 12:54:32
फेफड़ों की जांच के लिए नहीं लगाना पड़ेगा दम, राहत पहुंचाएगा ये मशीन
 

नई दिल्ली। फेफड़ों के इंफेक्शन या उससे जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। उन्हें अब जांच के लिए मशीनों के सामने तेज से फूंक मारने जैसा दम नहीं दिखाना पड़ेगा। सीएसआईआर (वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद) ने इसके लिए अमेरिका की मदद से पल्मोस्कैन नाम की एक ऐसी मशीन तैयार की है, जो सांस की सामान्य अवस्था में ही फेफड़ों से जुड़ी हर बीमारी का पता लगा लेगी। फिलहाल इस मशीन के अगले साल तक बाजार में आने की उम्मीद है।
सीएसआईआर के मुताबिक, मेडिकल साइंस में फेफड़ों की सामान्य परिस्थितियों में जांच एक कठिन चुनौती थी। खासकर बूढे और जन्म लेने वाले छोटे बच्चों के फेफड़ों के इंफेक्शन का पता लगाने में भारी मुश्किल आती थी, क्योंकि देश-दुनिया में मौजूदा समय में फेफड़े से जुड़ी बीमारी का पता लगाने के लिए जो मशीनें मौजूद है, उनमें फेफड़ों की जांच के लिए तेज से फूंक मारना जरूरी है। जांच के दौरान डाॅक्टर उन्हें बार-बार दम लगाकर मशीन में फूंकने के लिए कहते है। ऐसा न कर पाने पर जांच ही नहीं हो पाती है। ऐसे में सीएसआईआर ने इस टास्क को हाथो-हाथ लिया।
इस प्रोजेक्ट को अमेरिका भी मदद के लिए आगे आया। इस बीच करीब पांच साल के बाद वैज्ञानिकों ने यह मशीन तैयार कर ली है, जिसका वजन सिर्फ एक किलो का है। साथ ही यह लैपटाप या टैबलेट से भी कम पॉवर पर चलती है। डॉ अनुराग अग्रवाल के मुताबिक इसको तैयार करने की कीमत मौजूदा समय में उपलब्ध मशीनों से करीब 20 फीसदी तक कम है। साथ ही बताया कि अब तक इन मशीनों पर देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 15 सौ से ज्यादा ट्रायल हो चुके हैं, जो लगातार जारी है। इस मशीन का अभी एक साल तक परीक्षण चलेगा। इस दौरान मशीनों को परीक्षण के लिए अमेरिका भी भेजा जाएगा।