सेना प्रमुख के बयान से चौंका चीन, पूछा- क्या यह भारत सरकार की राय है?

  • uploaded on : 2017-09-08 11:45:31
सेना प्रमुख के बयान से चौंका चीन, पूछा- क्या यह भारत सरकार की राय है?
 

बीजिंग/नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के बयान से चीन चिढ़ गया है। बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर ऐतराज जताते हुए पूछा कि क्या यह भारत सरकार की राय है? क्या सेना प्रमुख ऐसे बयान के लिए अधिकृत हैं? याद रहे, सेना प्रमुख जनरल रावत ने बुधवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा था 'देश को चीन व पाकिस्तान से एकसाथ जंग के लिए तैयार रहना चाहिए।'
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने गुरुवार को बीजिंग में कहा कि, 'जनरल रावत का बयान पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा हाल में शियामिन में जाहिर विचारों के ठीक विपरीत है। डोकलाम में दोनों सेनाओं के पीछे हटने के बाद भारत से इस तरह का बयान आना चौंकाने वाला है। यदि उनका बयान भारत सरकार की ओर से है तो ये चिंताजनक है।
बुधवार को दिल्ली में सेंटर फॉर लैंड वॉरफेयर स्टडीज द्वारा आयोजित एक सेमिनार में जनरल रावत ने कहा था, 'भारत को पाकिस्तान और चीन से एक साथ दो मोर्चों पर जंग के लिए तैयार रहना चाहिए। डोकलाम विवाद के दौरान चीन ने आस्तीनें चढ़ानी शुरू कर दी थीं, वहीं पाकिस्तान का राजनीतिक व सैन्य नेतृत्व भारत को अपना दुश्मन मानकर चलता है। जंग सच्चाई से बहुत दूर नहीं है। यह मानना एक मिथक ही है कि परमाणु हथियारों से लैस पड़ोसियों में जंग नहीं होगी। चीन आगे भी भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश कर सकता है।
उधर, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बयान जारी कर कहा, 'भारत चीन को अपना शत्रु या खतरा मानना छोड़े और यह सुनिश्चित करे कि मतभेद नियंत्रण से बाहर न हो जाएं।' पीएम नरेंद्र मोदी व राष्ट्रपति शी चिनफिंग की शियामिन में ब्रिक्स बैठक के दौरान तीन दिन पहले हुई मुलाकात के बाद वांग यी का यह पहला बयान है। डोकलाम विवाद का जिक्र किए बिना यी ने कहा कि पिछले कुछ माहों में द्विपक्षीय संबंध 'प्रभावित व कमजोर' हुए हैं, उनकी स्पष्ट वजह है। मोदी-चिफिंग में बनी सहमति के अनुसार अब दोनों देशों को द्विपक्षीय रिश्ते सही दिशा में आगे बढ़ाने के कदम उठाना चाहिए।