सिक्किम गतिरोध: हाईटेक टैकों के साथ तिब्बत में चीन ने किया युद्धाभ्यास, 10 जुलाई को भारत करेगा शक्ति प्रदर्शन

  • uploaded on : 2017-07-07 09:06:31
सिक्किम गतिरोध: हाईटेक टैकों के साथ तिब्बत में चीन ने किया युद्धाभ्यास, 10 जुलाई को भारत करेगा शक्ति प्रदर्शन
 

 बीजिंग सिक्किम सीमा पर तनाव के बीच चीन की सेना ने तिब्बत के ऊंचाई वाले इलाके में युद्धाभ्यास किया। वहीं भारत, जापान और अमेरिका के साथ दस जुलाई को समुद्र में मालाबार युद्धाभ्यास कर ताकत दिखाएगा। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, तिब्बत में यह सैन्य अभ्यास 5100 मीटर की ऊंचाई पर किया जा रहा है। इसमें नए उपकरणों का परीक्षण करने के साथ गोलीबारी का अभ्यास हो रहा है। 
पिछले सप्ताह चीनी रक्षा विभाग के प्रवक्ता कर्नल वू किन ने मीडिया से कहा था कि सैन्य अभ्यास के दौरान करीब 35 टन वजन वाले उन्नत टैंक का परीक्षण किया गया। हालांकि वु ने कहा कि यह अभ्यास हथियारों की ताकत आजमाना था, ना कि किसी देश के खिलाफ था। हालांकि चीनी मी़डिया के मुताबिक, भारत से लगी सीमा पर इन टैंकों को तैनात किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि ये टैंक भारत के टी-90 टैंकों से बेहतर मारक क्षमता वाले हैं।
भारत, अमेरिका और जापान की नौसेना का मालाबार नौसैन्य अभ्यास 10 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में आरंभ होगा। इस वार्षिक अभ्यास में तीनों देशों के विमान, परमाणु पनडुब्बियां और पोत हिस्सा लेंगे। यह अभ्यास ऐसे समय हो रहा है, जब सिक्किम क्षेत्र में भारत एवं चीन की सेनाओं के बीच बड़ा सैन्य गतिरोध पैदा हो गया है। जबकि दक्षिण चीन सागर में बीजिंग अपनी नौसैन्य मौजूदगी को बढ़ा रहा है। 
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मालाबार सैन्य अभ्यास का लक्ष्य सामरिक रूप से महत्वपूर्ण भारत प्रशांत क्षेत्र में तीनों नौसेनाओं के बीच गहरे सैन्य संबंध स्थापित करना है। भारत और अमेरिका वर्ष 1992 के बाद से नियमित रूप से वार्षिक अभ्यास कर रहे हैं। बीजिंग मालाबार अभ्यास के मकसद को संदेह की नजर से देखता है क्योंकि उसे लगता है कि यह अभ्यास भारत प्रशांत क्षेत्र में उसके प्रभाव को रोकने की कोशिश है।