मध्यावधि चुनाव का दांव टरीजा मे पर पड़ा भारी, बहुमत से दूर

  • uploaded on : 2017-06-09 13:25:32
मध्यावधि चुनाव का दांव टरीजा मे पर पड़ा भारी, बहुमत से दूर
 

लंदन ब्रिटेन में हुए मध्यावधि चुनाव के नतीजे त्रिशंकु रहे हैं। टरीजा मे के मध्यावधि चुनाव कराने का दांव उनपर उल्टा पड़ गया है और उनकी कंजरवेटिव पार्टी बहुमत का आंकड़ा नहीं छू पाई है। शुक्रवार को हुई मतगणना में हालांकि कंजरवेटिव सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। अब टरीजा के समय से तीन साल पहले चुनाव कराने पर सवालों से जूझना पड़ रहा है। बहुमत से दूर रहने के कारण अब उनपर इस्तीफे का दबाव भी बढ़ रहा है। हालांकि टरीजा मे ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। 2015 में हुए चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी को 331 सीटें मिली थीं और उसके पास बहुमत का आंकड़ा था। इस चुनाव को ब्रेग्जिट चुनाव के तौर पर देखा जा रहा था और इस परिणाम को उन 48 प्रतिशत लोगों के लिए उम्मीद की किरण समझा जा रहा है, जिन्होंने जून 2016 में हुए जनमत संग्रह में यूरोपीय संघ में बने रहने के लिए वोट दिया था। टरीजा ने जटिल ब्रेग्जिट वार्ता में अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयास के तहत निर्धारित समय से तीन साल पहले चुनाव कराए थे। हालांकि कंजरवेटिव पार्टी ब्रिटेन की 650 सदस्यीय संसद के लिए हुए चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है, लेकिन जेरेमी कॉर्बिन के नेतृत्व में विपक्षी लेबर पार्टी के शानदार प्रदर्शन के बाद टरीजा के अपने पद पर बने रहने को अपमानजनक बताया जा रहा है। ब्रितानी मीडिया के अनुसार परिणाम टरीजा के लिए अपमानजनक हैं। ब्रेग्जिट वार्ता 19 जून को आरंभ होनी है, लेकिन दोनों बड़े राजनीतिक दलों के भाग्य के एक तरह से पलटने से इस वार्ता कार्यक्रम को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। 

अब तक की मतगणना में कंजर्वेटिव ने कुल 650 सदस्यीय संसद में 313 सीटें जीत ली हैं और लेबर को 260 पर जीत हासिल हुई है। वहीं, लिबरल डेमोक्रैटिस को 12, एसएनपी को 35 सीटें हासिल हुई हैं। बहुमत का आंकड़ा 326 सीटों का है। इस चुनाव में कंजर्वेटिव और एसएनपी को सीटों का नुकसान झेलना पड़ा है। 2015 में हुए आम चुनाव में कंजर्वेटिव को 331, लेबर को 232, लिब डेम को 8 और एसएनपी को 56 सीटें हासिल हुई थीं। 
हालांकि, टरीजा साउथ-ईस्ट इंगलैंड की अपनी सीट जीत गई हैं। उन्हें 37,780 वोटों से जीत हासिल हुई है। पार्टी के बहुमत हासिल न कर पाने के कारण अब उनपर इस्तीफे का दबाव है। एक्ज़िट पोल में कंजरवेटिव को 318 सीटें, लेबर को 267 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था। 
आखिरी परिणाम आने से पहले टरीजा ने कहा था कि ब्रिटेन को स्थिरता की जरूरत है। इधर, विपक्षी लेबर के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने कहा, 'राजनीति बदल गई है और यही लोग कह रहे हैं। मुझे नतीजों पर गर्व है और उम्मीद का मतदान हुआ है। प्रधानमंत्री ने चुनाव की घोषणा की क्योंकि वह जनादेश चाहती थीं, और जनादेश यह है कि वह हार गई हैं।' कॉर्बिन ने इससे पहले ट्विटर पर यह दावा किया था कि लेबर पार्टी ब्रिटेन की राजनीति का चेहरा बदल देगी।
ब्रिटेन में आम चुनाव के नतीजों में जहां त्रिशंकु संसद बन रही है, वहीं इन चुनावों में भारतीय मूल के लेबर पार्टी के दो ब्रितानी उम्मीदवारों प्रीत कौर गिल और तनमनजीत सिंह ने जीत दर्ज की है। प्रीत पहली सिख महिला सांसद और तनमनजीत पहले पगड़ीधारी सांसद होंगे। प्रीत ने बर्मिंगम एजबेस्टन सीट 24,124 वोटों से जीती है। उन्होंने कंजरवेटिव पार्टी के उम्मीदवार कैरोलिन स्क्वायर को 6,917 मतों के अंतर से हराया है। 
उन्होंने कहा, 'मैं खुश हूं कि मुझे एजबेस्टन का अगला सांसद बनने का अवसर दिया गया। यहां मेरा जन्म हुआ और मेरी परवरिश हुई। मैं मेहनत और लगन के साथ एजबेस्टन की जनता के साथ सहयोग बढ़ाना चाहती हूं। मुझे लगता है कि हम मिलकर बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।' 
जीत दर्ज करने वाले दूसरे उम्मीदवार तनमनजीत सिंह देसाई जिन्हें तान के नाम से भी जाना जाता है, ने स्लोघ सीट 34, 170 मतों से जीती है। देसाई ने कहा कि वह वह उस शहर की सेवा करना चाहते हैं जहां उनका जन्म हुआ है। सिख फेडरेशन यूके ने एक बयान जारी कर कहा, 'सारा श्रेय लेबर पार्टी को जाता है जिसने सिखों को चुनाव लड़ाने का अवसर देने का साहसिक कदम उठाया।'